एसएस हॉस्पिटल के पास फायरिंग कर लूटी थी सोने की चेन, तीन तमंचे, छह कारतूस, नकदी, चेन व दो बाइक बरामद
चंदौली। अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने हाईवे पर असलहे के बल पर लूट और फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन, 4,420 रुपये नकद, तीन अवैध तमंचे, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन तथा दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपितों में दो ने 25 अगस्त को एसएस हॉस्पिटल आलमपुर के पास वाहन रोककर फायरिंग करते हुए सोने की चेन लूटने की घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस अब आरोपितों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
वाहन रोककर फायरिंग के बाद लूटी थी चेन
पुलिस के मुताबिक 25 अगस्त की रात करीब साढ़े नौ बजे मुगलसराय के गल्लामंडी ईस्टर्न बाजार निवासी सूर्यान्श जायसवाल अपने मित्र प्रशान्त यादव और मोहित चौहान के साथ कार से एसएस हॉस्पिटल आलमपुर के पास पहुंचे थे। इसी दौरान टीवीएस मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उनकी कार के आगे बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया।
आरोप है कि बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायरिंग की और सूर्यान्श जायसवाल के गले से सोने की चेन छीन ली। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों बदमाश चंदौली की तरफ फरार हो गए। फायरिंग और लूट की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पीड़ित की तहरीर पर अलीनगर थाने में मुकदमा संख्या 540/2026 के तहत धारा 109(1)/309(6) बीएनएस में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
सीसीटीवी और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों से बदमाशों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी फुटेज, भौतिक साक्ष्यों और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट टीम लगातार बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
इसी दौरान 28 अगस्त को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि 25 अगस्त की लूट की घटना में शामिल आरोपित दोबारा किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की नीयत से सकलडीहा की तरफ से रिंग रोड की ओर आ रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तारापुर/आलमपुर अंडरपास के पास घेराबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी।
कुछ देर बाद एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो बाइक सवारों ने भागने का प्रयास किया। इसी दौरान सड़क गीली होने के कारण बाइक फिसलकर गिर गई। पुलिस टीम ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। बाइक से गिरने के कारण दोनों आरोपितों को चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया।
पूछताछ में खुला गिरोह का राज
पुलिस की पूछताछ में बाइक चालक की पहचान गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के जमुआवं निवासी राजकुमार दुबे और पीछे बैठे व्यक्ति की पहचान चंदौली के धीना थाना क्षेत्र के बभनियाव निवासी अमन गिरी के रूप में हुई।
राजकुमार दुबे के कब्जे से पुलिस ने 25 अगस्त की घटना में लूटी गई पीली धातु की सोने की चेन, 315 बोर का तमंचा, एक कारतूस, दो मोबाइल फोन, तीन हजार रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त टीवीएस रोनिन मोटरसाइकिल बरामद की। वहीं अमन गिरी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, एक मोबाइल फोन और 500 रुपये नकद मिले।
पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि उनके दो अन्य साथी भी पीछे दूसरी बाइक से रेकी और बैकअप के लिए आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बजाज पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार कर लिया।
इनकी पहचान धानापुर थाना क्षेत्र के अमाधपुर (तीनमोकरम) निवासी कमलेश मिश्रा उर्फ पंकज मिश्रा और धीना थाना क्षेत्र के बभनियाव निवासी विनोद सिंह के रूप में हुई। कमलेश मिश्रा के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस और 420 रुपये नकद बरामद हुए, जबकि विनोद सिंह के पास से एक कारतूस और 500 रुपये नकद मिले।
हाईवे पर घूमकर तलाशते थे शिकार
पुलिस पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का भी खुलासा हुआ। राजकुमार दुबे ने पुलिस को बताया कि वह अपने बुआ के बेटे कमलेश मिश्रा उर्फ पंकज मिश्रा के पास आता-जाता था। वहां उसकी मुलाकात अमन गिरी से हुई और तीनों साथ में पार्टी करते थे।
पार्टी करने के बाद राजकुमार और अमन टीवीएस रोनिन बाइक से हाईवे पर निकलते थे। दोनों सैयदराजा से राजातालाब तक हाईवे पर घूमते हुए ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सके। मौका मिलने पर असलहे के बल पर मारपीट और धमकी देकर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
वारदात के बाद घटना में इस्तेमाल बाइक को कमलेश मिश्रा के गांव वाले मकान पर खड़ा कर दिया जाता था। इसके बाद आरोपी धानापुर स्थित दूसरे मकान पर जाकर भोजन करने के बाद सो जाते थे। पुलिस के अनुसार विनोद सिंह बभनियाव में कुटी जैसी झोपड़ी बनाकर रहता था, जहां आपराधिक घटनाओं के बाद असलहे छिपाकर रखने और गिरोह को सहयोग करने की बात सामने आई है।
पीड़ित ने की आरोपितों की पहचान
पुलिस कार्रवाई के दौरान वादी सूर्यान्श जायसवाल को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने गिरफ्तार आरोपित राजकुमार दुबे और अमन गिरी की पहचान की। इसके साथ ही पुलिस द्वारा बरामद सोने की चेन की भी पीड़ित ने शत-प्रतिशत पहचान की।
पुलिस ने बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2)/61(2) तथा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की है। गिरफ्तार चारों आरोपितों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
हत्या समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्यों में शामिल विनोद सिंह के खिलाफ धीना थाने में हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 1995 में हत्या, वर्ष 2000 में हत्या के प्रयास, वर्ष 2003 में 110जी सीआरपीसी, वर्ष 2009 में हत्या व हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज रहा है।
वहीं कमलेश मिश्रा उर्फ पंकज मिश्रा के खिलाफ धानापुर थाने में बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अमन गिरी के खिलाफ भी अलीनगर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत है।
दो बाइक समेत यह सामान बरामद
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 25 अगस्त की घटना से संबंधित पीली धातु की चेन, लूटे गए रुपयों का अवशेष 4,420 रुपये नकद, तीन 315 बोर के अवैध तमंचे और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त टीवीएस रोनिन बाइक संख्या UP61BL9666 और बिना नंबर प्लेट की बजाज पल्सर बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने तीन मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य अपराधों और साथियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपितों ने हाईवे पर इससे पहले कितनी अन्य लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है।
कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक अलीनगर गगन राज सिंह और प्रभारी स्वाट टीम राम जन्म यादव के नेतृत्व में की गई। टीम में अलीनगर थाने के उपनिरीक्षक योगेन्द्र नाथ यादव, अनिल कुमार यादव, अमित कुमार सिंह समेत पुलिसकर्मी तथा स्वाट टीम के मु.आ. राणा प्रताप सिंह, रामानंद यादव, सतीश सिंह, आरक्षी अमित सिंह और महेश कुमार शामिल रहे।