सैयदराजा-नई बाजार मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लगी लंबी कतार, राखी बांधने जा रहे लोग भी फंसे; कड़ाके की धूप में पैदल राहगीरों के छूटे पसीने, जाम नियंत्रित करने को नहीं दिखी प्रशासनिक व्यवस्था
सटीक संवाद /रतन लाल
सैयदराजा, चंदौली। रक्षाबंधन पर्व पर जहां भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को लेकर लोगों में उत्साह रहा, वहीं चंदौली के सैयदराजा क्षेत्र में दुधारी पुल चौमुंहानी पर लगा घंटों लंबा जाम राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया। सैयदराजा वाया नई बाजार मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम की स्थिति इतनी गंभीर रही कि लोगों को काफी देर तक अपने वाहनों में फंसे रहना पड़ा।
रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपनी बहनों के घर राखी बंधवाने के लिए आवागमन कर रहे थे। पर्व के चलते सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा वाहनों का दबाव अधिक रहा। इसी बीच दुधारी पुल के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दिए। नतीजतन कुछ ही समय में वाहनों की कतार बढ़ती चली गई और देखते ही देखते मार्ग पर जाम की स्थिति गंभीर हो गई।
जाम में फंसे लोगों का कहना था कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को पहले से यातायात व्यवस्था की तैयारी करनी चाहिए थी। प्रमुख मार्ग होने के कारण इस सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना पहले से ही रहती है। इसके बावजूद मौके पर भीड़ और वाहनों को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी या यातायात व्यवस्था नजर नहीं आई।
राखी बांधने जा रहे लोग भी जाम में फंसे
रक्षाबंधन पर्व पर बहनों के घर राखी बंधवाने अथवा बहनों को राखी बांधने के लिए निकले लोगों को भी जाम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परिवार अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे थे। वाहनों के बीच लंबे समय तक फंसे रहने के कारण उन्हें भारी परेशानी हुई।
दोपहिया वाहन चालकों की स्थिति और भी खराब रही। जाम के बीच कड़ाके की धूप में उन्हें काफी देर तक खड़ा रहना पड़ा। कई लोग अपने वाहनों को बंद कर सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए, जबकि कुछ लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश करते नजर आए। पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी वाहनों की भीड़ के बीच रास्ता बनाने में परेशानी हुई।
कड़ाके की धूप में छूटे पसीने
रक्षाबंधन के दिन मौसम की गर्मी और सड़क पर लगे जाम ने राहगीरों की परेशानी और बढ़ा दी। जाम में फंसे दोपहिया वाहन सवारों को तेज धूप में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं पैदल चलने वाले लोग भी वाहनों की लंबी कतार के बीच गर्मी और उमस से परेशान दिखाई दिए।
लोगों का कहना था कि पर्व के दिन प्रशासन को प्रमुख चौराहों और पुलों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती करनी चाहिए थी। यदि समय रहते यातायात को नियंत्रित किया जाता तो इतनी लंबी कतार बनने से रोका जा सकता था।
पुलिस की व्यवस्था पर उठे सवाल
दुधारी पुल पर घंटों जाम की स्थिति ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पर्व से पहले बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने का अनुमान रहता है। इसके बावजूद मौके पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं दिखी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जाम लगने के बाद भी यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस की सक्रियता पर्याप्त नहीं दिखाई दी। वाहनों की बढ़ती कतार के बीच राहगीर अपने स्तर पर रास्ता निकालने का प्रयास करते रहे। इससे स्थिति और जटिल होती गई।
लोगों का कहना है कि यदि पुल के दोनों ओर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर वाहनों को नियंत्रित किया जाता और जरूरत के अनुसार वन-वे व्यवस्था लागू की जाती तो जाम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता था।
पर्व के दिन व्यवस्था की जरूरत
रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों पर बाजारों, मुख्य मार्गों और पुलों पर यातायात का दबाव अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि संभावित भीड़ वाले स्थानों को पहले से चिह्नित कर वहां पर्याप्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती की जाए।
दुधारी पुल पर जाम की स्थिति ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि जब पर्व के दिन यातायात बढ़ने की पूरी संभावना थी तो इसके लिए पहले से पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। घंटों जाम में फंसे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी और कई लोगों का कीमती समय सड़क पर ही गुजर गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सैयदराजा-नई बाजार मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। विशेषकर दुधारी पुल के आसपास भीड़ के समय अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में त्योहारों और अन्य विशेष अवसरों पर राहगीरों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रक्षाबंधन के उल्लास के बीच दुधारी पुल पर लगा लंबा जाम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहा। एक ओर लोग भाई-बहन के पर्व को लेकर उत्साहित थे, वहीं दूसरी ओर घंटों जाम में फंसे राहगीर व्यवस्था को कोसते नजर आए। लोगों का कहना रहा कि यदि समय रहते यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की गई होती तो पर्व के दिन लोगों को कड़ाके की धूप में इस तरह परेशान नहीं होना पड़ता।