पांच महीने पहले बनारस के अस्सी घाट से चोरी हुई अपाचे मुगलसराय में बरामद, आए दिन तमंचे के साथ पकड़े जा रहे युवक; बंदी के दौरान शराब बिक्री के आरोपों से कानून-व्यवस्था पर सवाल
मुगलसराय, चंदौली। मुगलसराय थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे चोरी, अवैध असलहों की बरामदगी और शराब बिक्री से जुड़े मामलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की ओर से समय-समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने और अवैध सामान बरामद करने का दावा किया जाता है, लेकिन एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों से यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर अपराधियों के हौसले क्यों नहीं टूट रहे हैं? स्थिति यह है कि वाराणसी के अस्सी घाट से चोरी की गई अपाचे मोटरसाइकिल पांच महीने बाद मुगलसराय क्षेत्र में बरामद हुई और पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों में अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ युवकों की गिरफ्तारी के मामले भी सामने आए हैं।
इन घटनाओं ने मुगलसराय क्षेत्र में अपराधियों की सक्रियता और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर चर्चा तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद यदि अपराधी चोरी के वाहनों के साथ क्षेत्र में घूम रहे हैं, अवैध हथियार लेकर निकल रहे हैं और शराब की बिक्री को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं तो निश्चित रूप से अपराध की जड़ तक पहुंचने की जरूरत है।
पांच महीने बाद बरामद हुई अस्सी घाट से चोरी बाइक
हाल ही में मुगलसराय पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला कि उक्त बाइक वाराणसी के अस्सी घाट से करीब पांच महीने पहले चोरी की गई थी। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर बाइक चोरी करने की बात स्वीकार किए जाने का दावा पुलिस ने किया है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थल अस्सी घाट से चोरी हुई बाइक कई महीनों तक अलग-अलग स्थानों से होते हुए मुगलसराय तक पहुंच गई। इससे वाहन चोरी के बाद उनके इस्तेमाल, बिक्री अथवा ठिकाने बदलने के नेटवर्क को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। यदि पुलिस पूछताछ में आरोपी के साथी और चोरी के अन्य वाहनों के संबंध में जानकारी सामने आती है तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
आए दिन तमंचे के साथ पकड़े जा रहे युवक
मुगलसराय क्षेत्र में अपराध को लेकर दूसरा गंभीर पहलू अवैध असलहों की बरामदगी का है। पिछले दिनों पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ युवकों को गिरफ्तार किया है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर क्षेत्र में अवैध हथियार पहुंच कहां से रहे हैं और इन्हें उपलब्ध कराने वाले लोग कौन हैं?
पुलिस द्वारा तमंचे के साथ किसी युवक की गिरफ्तारी के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करना तत्कालीन स्तर पर जरूरी कदम है, लेकिन इससे आगे बढ़कर हथियार उपलब्ध कराने वाले स्रोत तक पहुंचना भी चुनौती है। यदि एक के बाद एक युवक अवैध तमंचे के साथ पकड़े जा रहे हैं तो यह केवल व्यक्तिगत अपराध का मामला नहीं माना जा सकता। इसके पीछे हथियारों की आपूर्ति करने वाला कोई नेटवर्क सक्रिय है या अलग-अलग स्रोतों से हथियार पहुंच रहे हैं, इसकी जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अवैध असलहों की उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगे तो अपराध की कई घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। पुलिस को सिर्फ हथियार बरामद करने तक सीमित न रहकर उसके स्रोत और सप्लाई चेन तक पहुंचने की जरूरत है।
बंदी के दौरान शराब बिक्री को लेकर भी उठते हैं सवाल
मुगलसराय क्षेत्र में शराब की बिक्री को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जाता है कि निर्धारित बंदी के दौरान भी कुछ स्थानों पर चोरी-छिपे शराब उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि ऐसे आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच और कार्रवाई के बाद ही हो सकती है, लेकिन यदि बंदी के बावजूद शराब की बिक्री हो रही है तो यह आबकारी और पुलिस निगरानी व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर विषय है।
शराब की दुकानों के आसपास और अन्य स्थानों पर अवैध बिक्री की शिकायतों पर प्रभावी निगरानी की जरूरत है। बंदी के दौरान शराब की उपलब्धता न केवल नियमों के उल्लंघन का मामला है, बल्कि इससे अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलने की आशंका भी रहती है।
पुलिस कार्रवाई कर रही, लेकिन अपराध पर पूरी तरह लगाम कब?
मुगलसराय पुलिस द्वारा लगातार चेकिंग और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। चोरी की बाइक की बरामदगी और अवैध असलहे के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान संभव है?
यदि चोरी की बाइक पांच महीने तक अपराधियों के कब्जे में रहती है, अवैध तमंचे लगातार बरामद होते हैं और बंदी के दौरान शराब की बिक्री को लेकर शिकायतें सामने आती हैं, तो पुलिस और संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से ऐसे मामलों की तह तक जाने की आवश्यकता है।
वाहन चोरी के मामलों में कबाड़ी, वाहन खरीदने-बेचने वालों और चोरी के वाहनों को खपाने वाले संभावित नेटवर्क की जांच, वहीं अवैध असलहों के मामले में हथियार उपलब्ध कराने वालों की पहचान और शराब बिक्री के मामलों में अवैध सप्लाई चैन पर कार्रवाई अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
चेकिंग बढ़ाने के साथ नेटवर्क पर भी नजर जरूरी
मुगलसराय क्षेत्र भौगोलिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में अपराधियों के लिए भीड़ में छिपना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाना जरूरी है।
इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर, चोरी के वाहनों की जांच और अवैध असलहों की सप्लाई करने वालों की पहचान पर विशेष ध्यान देना होगा। पुलिस यदि अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर जांच करे तो संभव है कि कई मामलों के पीछे एक-दूसरे से जुड़े अपराधियों या नेटवर्क का पता चल सके।
स्थानीय लोगों में भी बढ़ रही चिंता
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई के बावजूद अपराधियों में कानून का भय दिखाई देना चाहिए। आम नागरिक चाहता है कि चोरी, अवैध हथियार और अवैध शराब जैसे मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी की खबर सामने न आए, बल्कि अपराध की जड़ पर भी कार्रवाई हो।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर अपराधी वाराणसी से चोरी की गई बाइक को पांच महीने बाद मुगलसराय तक ला सकते हैं, युवक खुलेआम अवैध तमंचे के साथ पकड़े जा सकते हैं और बंदी के दौरान शराब बिक्री की शिकायतें सामने आती हैं, तो इन गतिविधियों के पीछे सक्रिय लोगों तक पुलिस कब पहुंचेगी?
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से कुछ मामलों में आरोपियों के पकड़े जाने की तस्वीर जरूर सामने आई है, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों ने मुगलसराय की कानून-व्यवस्था को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। जरूरत अब ऐसी कार्रवाई की है जो केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि चोरी के वाहनों, अवैध हथियारों और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसे जड़ से खत्म करने की दिशा में हो।