Hot Posts

6/recent/ticker-posts

चंदौली: किड़हिरा में कुएं ने बुझाए तीन घरों के चिराग, समरसेबल निकालने उतरे चार लोग जहरीली गैस की चपेट में

शहाबगंज, चंदौली। थाना क्षेत्र के किड़हिरा गांव में शनिवार को पुराने कुएं से खराब पड़ा समरसेबल पंप निकालने की कोशिश उस समय भीषण हादसे में बदल गई, जब कुएं के अंदर उतरे चार लोग अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। ग्रामीणों की मदद से चारों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जमाल, तौकीर आलम और वारिस अली को मृत घोषित कर दिया। वहीं चौथे व्यक्ति समशेर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार चल रहा है। एक साथ तीन लोगों की मौत से किड़हिरा गांव में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा है।

जानकारी के अनुसार किड़हिरा गांव में एक पुराने कुएं में समरसेबल पंप खराब पड़ा था। शनिवार को उसे निकालने के लिए चार ग्रामीण कुएं में उतरे थे। बताया जा रहा है कि कुएं के भीतर पहुंचने के बाद अचानक वहां मौजूद जहरीली गैस अथवा ऑक्सीजन की कमी का असर होने लगा। देखते ही देखते चारों की हालत बिगड़ गई और वे कुएं के अंदर ही अचेत होकर गिर पड़े।

घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कुएं के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव का प्रयास शुरू किया गया और चारों लोगों को किसी तरह कुएं से बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि समशेर का उपचार जारी है।

एक-एक कर कुएं में उतरे थे चार लोग

बताया जा रहा है कि कुएं में समरसेबल निकालने के लिए जमाल, तौकीर आलम, वारिस अली और समशेर नीचे उतरे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक चारों के कुएं में पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए। इस घटनाक्रम ने गांव में हड़कंप मचा दिया। बाद में ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी को बाहर निकाला गया।

हादसे की सबसे गंभीर बात यह रही कि बंद और पुराने कुएं में मौजूद संभावित जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी का अंदाजा वहां मौजूद लोगों को नहीं था। ऐसे स्थानों में नीचे उतरने से पहले गैस की जांच और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बंद पड़े कुओं और अन्य गहरे एवं बंद स्थानों में सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जहरीली गैस से हादसे की प्रथम दृष्टया आशंका

पुलिस और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर हादसे की वजह कुएं के अंदर जहरीली गैस की मौजूदगी या ऑक्सीजन की कमी मानी जा रही है। कुछ रिपोर्टों में मीथेन अथवा कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसों की आशंका का उल्लेख किया गया है, लेकिन कुएं के अंदर वास्तव में कौन-सी गैस मौजूद थी, इसकी अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए फिलहाल गैस के सटीक प्रकार को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।



पुराने, गहरे और लंबे समय से बंद कुओं में ऑक्सीजन की कमी अथवा विभिन्न गैसों का जमा होना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे स्थान में किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने पर उसे बचाने के लिए बिना सुरक्षा उपकरण के दूसरे व्यक्ति का नीचे उतरना भी जानलेवा साबित हो सकता है। किड़हिरा की घटना इसी खतरे की भयावह तस्वीर सामने लाती है।

तीन मौतों से गांव में पसरा मातम
अस्पताल में जमाल, तौकीर आलम और वारिस अली की मौत की पुष्टि होते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया। एक साथ तीन लोगों की मौत की खबर गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल और अस्पताल की ओर पहुंचने लगे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं समशेर की हालत गंभीर होने की जानकारी के बाद उसके परिजन भी चिंतित हैं।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही मौत की वास्तविक चिकित्सकीय वजह और घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

सुरक्षा में लापरवाही बनी बड़ा सवाल

किड़हिरा की घटना ने एक बार फिर पुराने कुओं में उतरने के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी के खतरे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी बंद कुएं में उतरने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वहां सांस लेने योग्य पर्याप्त ऑक्सीजन मौजूद है और कोई जहरीली गैस तो नहीं है। इसके लिए गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन की जांच, रस्सी, सुरक्षा बेल्ट और बाहर मौजूद प्रशिक्षित लोगों की व्यवस्था जरूरी होती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि कुएं के अंदर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए तो उसके पीछे तुरंत दूसरा व्यक्ति भी बिना सुरक्षा इंतजाम के नीचे न उतरे। ऐसा करने पर बचाव के बजाय एक के बाद एक कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

किड़हिरा में तीन लोगों की मौत का मामला इसी गंभीर खतरे की चेतावनी है। फिलहाल पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हादसे के कारणों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। लेकिन एक ही गांव के तीन परिवारों को उजाड़ देने वाली इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। गांव में हर ओर शोक का माहौल है और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन बना हुआ है।