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चंदौली में संपादक पर दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग

पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन

चंदौली। सकलडीहा तहसील क्षेत्र में तैनात पूर्ति निरीक्षक चहनिया से जुड़े विवाद में निष्पक्ष धारा के संपादक धनंजय ओझा के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर पत्रकारों में नाराजगी है। मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच की मांग को लेकर मंगलवार को संपादक धनंजय ओझा के नेतृत्व में पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंदौली पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।

पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि संपादक धनंजय ओझा समाचार से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क कर रहे थे। इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई और बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पत्रकारों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों को समझने के लिए दोनों पक्षों का पक्ष सुना जाना और उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों की जांच किया जाना आवश्यक है।

ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच किसी पूर्वाग्रह के बिना निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कराई जाए। पत्रकारों का कहना था कि यदि किसी पक्ष की ओर से कोई गलती हुई है तो जांच के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में निष्पक्ष धारा के वाराणसी मंडल ब्यूरो चंद्रभान सिंह, तुफानी जौनपुर ब्यूरो विद्याभूषण सिंह, बलिया ब्यूरो डी. प्रसाद, देवरिया ब्यूरो ओमप्रकाश विश्वकर्मा, आजमगढ़ ब्यूरो वेदप्रकाश मौर्या सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलना चाहिए।

पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि पत्रकार जनहित से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए अधिकारियों एवं संबंधित विभागों से जानकारी लेते हैं। ऐसे में समाचार संकलन के दौरान किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने पर उसका समाधान संवाद और कानून के दायरे में किया जाना चाहिए।

संपादक धनंजय ओझा ने भी पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच में घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों को शामिल किया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उनका कहना था कि वह समाचार से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारी से संपर्क कर रहे थे।

पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में कार्रवाई कराने की नहीं है। उनकी मांग केवल इतनी है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए। पत्रकारों ने कहा कि निष्पक्ष जांच होने से मामले को लेकर बनी स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी और सच्चाई सामने आएगी।

ज्ञापन लेने के बाद पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों और संपादक को मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि जांच के दौरान सभी संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे और उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।

पत्रकारों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। पत्रकार जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को समाज के सामने रखने का कार्य करते हैं। इसलिए पत्रकारों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय जरूरी है। किसी भी विवाद की स्थिति में तथ्यों की जांच के बाद ही निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद पत्रकारों को पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाएगा।

पत्रकारों ने कहा कि वे कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं तथा उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।