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जिला कारागार वाराणसी और राजकीय संप्रेक्षण गृह रामनगर का निरीक्षण

सचिव निकिता गौड़ ने बंदियों व किशोरों से की बातचीत, गुणवत्तापूर्ण भोजन और समय से दवा देने के दिए निर्देश

चंदौली। माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्दौली श्री अशोक कुमार-11 के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्दौली की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने गुरुवार को जिला कारागार वाराणसी एवं राजकीय संप्रेक्षण गृह रामनगर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों और किशोर बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास और निःशुल्क कानूनी सहायता से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधीक्षक राजकीय संप्रेक्षण गृह रामनगर श्री कमलेश कुमार पाण्डेय, जेल अधीक्षक जिला कारागार वाराणसी श्री सौरभ श्रीवास्तव, जेलर श्री सुरेश बहादुर सिंह तथा डिप्टी जेलर श्री शिवपूजन मिश्रा एवं श्री सत्यम मिश्रा मौजूद रहे।

किशोर बंदियों से जानी समस्याएं

राजकीय संप्रेक्षण गृह रामनगर पहुंचीं सचिव निकिता गौड़ ने वहां निरुद्ध किशोर बंदियों से बातचीत की। उन्होंने एक-एक कर उनकी समस्याओं, स्वास्थ्य और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। किशोर बंदियों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है। सचिव ने किशोरों को नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि शिक्षा उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने किशोरों को कौशल विकास गतिविधियों में भी रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान सरकार की ओर से संचालित कौशल विकास योजना की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि किशोरों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

पाकशाला में भोजन और स्वच्छता की जांच

सचिव ने राजकीय संप्रेक्षण गृह की पाकशाला का निरीक्षण कर भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किशोर बंदियों को निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पाकशाला में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा।

प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि गुरुवार सुबह किशोर बंदियों को नाश्ते में चाय और पराठा दिया गया। वहीं दोपहर और शाम का भोजन निर्धारित मीनू के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा। सचिव ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

जेल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा

इसके बाद जिला कारागार वाराणसी में महिला एवं पुरुष बैरकों का निरीक्षण किया गया। सचिव ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जेल अस्पताल का भी निरीक्षण किया और बंदियों के इलाज, दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि जेल में निरुद्ध बीमार बंदियों को समय से उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी बंदी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उसका समय पर परीक्षण और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए।

महिला बंदियों और बच्चों की शिक्षा की ली जानकारी

महिला बैरक के निरीक्षण के दौरान सचिव निकिता गौड़ ने महिला बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की स्थिति और उनकी शिक्षा के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चों को शिक्षा के अधिकार और बेहतर वातावरण से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

जरूरतमंद बंदियों को मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता

निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों को अपने मुकदमों में अधिवक्ता की आवश्यकता है और वे आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि कानूनी सहायता लेने के इच्छुक बंदियों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र बंदियों को समय से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा सके।

इसी प्रकार राजकीय संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि जिन किशोर बंदियों को कानूनी सहायता की आवश्यकता है, उनके अभिभावक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में निःशुल्क अधिवक्ता की मांग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाई के कारण किसी जरूरतमंद बंदी या किशोर को न्याय पाने के अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।

व्यवस्थाओं में लापरवाही न बरतने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सचिव निकिता गौड़ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बंदियों और किशोरों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छता, शिक्षा तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से भोजन की गुणवत्ता, पाकशाला की साफ-सफाई और बीमार बंदियों को समय से दवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जेल और संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध लोगों के साथ मानवीय व्यवहार करते हुए उनकी मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही जिन लोगों को विधिक सहायता की आवश्यकता है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से समय से सहायता उपलब्ध कराई जाए।

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों ने व्यवस्थाओं के संबंध में सचिव को आवश्यक जानकारी दी। सचिव ने सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने तथा बंदियों और किशोरों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।