बिहार सरकार और छात्र प्रतिनिधि मंडल की बैठक में कई मांगों पर बनी सहमति, भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने और सख्ती से पालन का निर्णय
पटना। बिहार में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच 27 अगस्त 2026 को शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में छात्र प्रतिनिधि मंडल के साथ महत्वपूर्ण वार्ता/बैठक हुई। बैठक में छात्रों की ओर से रखी गई विभिन्न मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव, आर्थिक अपराध इकाई के पुलिस उप महानिरीक्षक, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव, पटना के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक समेत छात्र प्रतिनिधि मंडल के सदस्य मौजूद रहे। बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण मांगों पर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सर्वसम्मति बनने की बात सामने आई है।
बैठक की कार्यवाही के अनुसार TRE-4 भर्ती प्रक्रिया में एकल परीक्षा आयोजित करने की मांग को स्वीकार कर लिया गया है। साथ ही एक अभ्यर्थी के एक ही परिणाम के संबंध में नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठक में छात्र प्रतिनिधियों ने भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया, परीक्षा में पारदर्शिता, पेपर लीक की शिकायतों, परीक्षा कैलेंडर, अधिकतम उम्र सीमा, डोमिसाइल नीति, संविदाकर्मियों के लिए अंक एवं वेटेज, पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली और 1799 दरोगा पदों की भर्ती सहित कई मुद्दे उठाए। इन सभी विषयों पर अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के बीच विस्तार से चर्चा की गई।
TRE-4 में एकल परीक्षा कराने की मांग स्वीकार
छात्र प्रतिनिधि मंडल की प्रमुख मांगों में TRE-4 भर्ती परीक्षा को एकल चरण में आयोजित करना शामिल था। बैठक में सरकार ने इस मांग को स्वीकार करने का निर्णय लिया। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की मांग कर रहे थे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि एक अभ्यर्थी के एक परिणाम के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे परीक्षा परिणाम और चयन प्रक्रिया में एकरूपता लाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
BPSC की पारदर्शिता समेत कई परीक्षाओं की जांच
छात्रों की मांग संख्या 2, 3, 4 और 5 से संबंधित विभिन्न मामलों पर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 70वीं BPSC परीक्षा की पारदर्शिता के साथ जांच कराने की बात कही गई। इसके अलावा बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं के समय पर होने, 1799 दरोगा बहाली परीक्षा की जांच और सहायक प्राध्यापक से पहले बिहार पात्रता परीक्षा (B.E.T.) से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
दस्तावेज के अनुसार परीक्षा सुधार के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, पटना के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति के समक्ष शिकायतकर्ता साक्ष्य सहित अपना पक्ष अथवा सुझाव रख सकेंगे। इसके बाद उक्त समिति के निर्णय के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
1799 दरोगा बहाली परीक्षा के संबंध में भी स्पष्ट किया गया कि इसकी अग्रेतर प्रक्रिया समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। वहीं बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा यथाशीघ्र परीक्षा कैलेंडर जारी करने और समयबद्ध तरीके से परीक्षा आयोजित कराने के संबंध में भी कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया गया।
भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने पर जोर
छात्र प्रतिनिधियों ने भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने और उसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग रखी। बैठक में इस मांग पर भी सर्वसम्मति व्यक्त की गई। परीक्षा कैलेंडर जारी होने से अभ्यर्थियों को आगामी भर्ती परीक्षाओं की तिथियों की जानकारी समय से मिलने और तैयारी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्णय
पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। रिक्त पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू किए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। लंबे समय से बहाली की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इसे महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
संविदाकर्मियों के अंक और वेटेज पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति
बिहार सरकार की भर्ती प्रक्रियाओं में संविदा कर्मियों को दिए जाने वाले अंक और वेटेज की स्थिति को लेकर भी छात्र प्रतिनिधियों ने अपनी मांग रखी। इस विषय पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर सरकार के प्रावधानों के आलोक में विचार करने का निर्णय लिया गया है।
इसका उद्देश्य संविदा कर्मियों के अनुभव और वेटेज से जुड़े नियमों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था तैयार करना बताया गया है। समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई के बाद इस मामले में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अधिकतम डोमिसाइल नीति पर न्यायविद से परामर्श
बैठक में बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू किए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई। दस्तावेज के अनुसार इस विषय पर न्यायविद से प्राप्त परामर्श के अनुरूप नियमानुकूल अग्रेतर प्रक्रिया किए जाने का निर्णय लिया गया है।
डोमिसाइल नीति को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से चर्चा चल रही है। ऐसे में सरकार की ओर से कानूनी राय के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाने का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पेपर लीक की जांच में EOU कर रही कार्रवाई
बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। दस्तावेज में कहा गया है कि BPSC द्वारा आयोजित AEO और सेंटरी आदि परीक्षाओं के पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सर्वसम्मति से प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इससे पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतों को लेकर छात्रों के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
24 अगस्त का विभागीय पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त
बैठक में विषयवस्तु से संबंधित विभागीय पत्रांक-162/गो., दिनांक 24 अगस्त 2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्णय भी सर्वसम्मति से लिया गया। इसके अलावा भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम उम्र सीमा के संबंध में समिति में प्रस्ताव विचारार्थ रखे जाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में भर्ती प्रक्रियाओं के लिए समयबद्ध व्यवस्था को मजबूत करने और अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया।
छात्र प्रतिनिधि मंडल ने आंदोलन समाप्त करने का लिया निर्णय
बैठक में छात्र प्रतिनिधि मंडल द्वारा रखी गई सभी मांगों पर बिंदुवार चर्चा के बाद कई मांगों पर सरकार की ओर से निर्णय लिए गए। इसके बाद छात्र प्रतिनिधि मंडल ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
बैठक के फैसलों को बिहार में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद और छात्र आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। TRE-4 की एकल परीक्षा, भर्ती परीक्षा कैलेंडर, पेपर लीक की जांच, डोमिसाइल नीति, संविदाकर्मियों के वेटेज और लंबित बहालियों जैसे मुद्दों पर लिए गए फैसलों से अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया में स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई इस वार्ता के बाद अब निगाहें इन फैसलों के क्रियान्वयन पर रहेंगी। विशेष रूप से TRE-4 की एकल चरण परीक्षा की प्रक्रिया, भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी करने, 1799 दरोगा बहाली पर समिति की रिपोर्ट और अन्य मामलों में समयबद्ध कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी। यदि तय फैसलों को निर्धारित समयसीमा में लागू किया जाता है तो इससे भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के विश्वास को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।