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एक शराब तस्कर पर कार्रवाई, बाकी पर कब? सकलडीहा में पशु और गांजा तस्करी को लेकर उठ रहे सवाल

इटवा में नौ लीटर अवैध शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार, क्षेत्र में कथित अवैध कारोबार के अन्य ठिकानों पर कार्रवाई का इंतजार

सकलडीहा, चंदौली। सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र में अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने एक शराब तस्कर को गिरफ्तार कर कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार मंगलवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुखबिर की सूचना पर इटवा स्थित लाइसेंसी देशी शराब की दुकान के पास से एक युवक को 45 पाउच अवैध देशी शराब के साथ पकड़ा गया। बरामद शराब की कुल मात्रा नौ लीटर बताई गई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जहां एक ओर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे अन्य अवैध कारोबार पर पुलिस कब शिकंजा कसेगी। स्थानीय लोगों की ओर से सकलडीहा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के साथ गांजा बिक्री और पशु तस्करी को लेकर भी आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी व्यक्ति को केवल आरोप के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। ऐसे में इन शिकायतों की वास्तविकता सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

45 पाउच शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

सकलडीहा पुलिस के मुताबिक थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद के नेतृत्व में पुलिस टीम 18 अगस्त को क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि लाइसेंसी देशी शराब की दुकान के पास एक युवक अवैध शराब लेकर मौजूद है।

सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने युवक को पकड़कर तलाशी ली। उसके पास मौजूद झोले से 45 पाउच अवैध देशी शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार प्रत्येक पाउच में 200 मिलीलीटर शराब थी और कुल मात्रा नौ लीटर थी।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदुम्न सोनकर पुत्र स्वर्गीय रविशंकर सोनकर, उम्र करीब 26 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ मु0अ0सं0-167/2026, धारा 60 उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद, उपनिरीक्षक गोपाल तिवारी और हेड कांस्टेबल राजेन्द्र प्रसाद यादव शामिल रहे।

एक कार्रवाई के बाद दूसरे मामलों पर सवाल

अवैध शराब के साथ एक युवक की गिरफ्तारी के बाद अब स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या पुलिस की कार्रवाई केवल इसी मामले तक सीमित रहेगी या क्षेत्र में अवैध कारोबार से जुड़ी अन्य शिकायतों की भी जांच होगी।

लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के अन्य स्थानों की शिकायतें हैं तो पुलिस को उनकी पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि अवैध शराब की आपूर्ति कहां से होती है और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक के लिए केवल एक विक्रेता को पकड़ना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। पुलिस को सप्लाई के स्रोत और वितरण की पूरी कड़ी की जांच करनी होगी।

गांजा बिक्री को लेकर भी उठ रहे सवाल

क्षेत्र में गांजा बिक्री को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि क्षेत्र में लंबे समय से गांजा की कथित बिक्री की गतिविधियां चल रही हैं।

ऐसे में पुलिस के सामने यह चुनौती है कि यदि इस तरह की शिकायतें उसके संज्ञान में आती हैं तो उनका सत्यापन कराया जाए। मादक पदार्थों की बिक्री की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का असर युवाओं पर पड़ता है, इसलिए ऐसी शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

पशु तस्करी को लेकर भी कार्रवाई का इंतजार

सकलडीहा क्षेत्र में पशु तस्करी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं और आरोप सामने आते रहे हैं। लोगों का दावा है कि पिकअप वाहनों के जरिए भैंस और पड़वा जैसे पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है।

इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस के लिए जरूरी है कि यदि उसके पास इस संबंध में शिकायतें हैं तो वाहनों और संबंधित लोगों की जांच करे। पशुओं के दस्तावेज, परिवहन की वैधता और गंतव्य की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

यदि अवैध परिवहन की पुष्टि होती है तो केवल वाहन चालक तक कार्रवाई सीमित न रखकर पशु उपलब्ध कराने और उन्हें आगे भेजने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच जरूरी होगी।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल

एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध गतिविधियों की शिकायतों पर सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि पुलिस की मिलीभगत या किसी प्रकार की अवैध वसूली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ऐसे आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। यदि किसी व्यक्ति के पास ठोस साक्ष्य या लिखित शिकायत है तो उसे उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है और निष्पक्ष जांच से वास्तविकता सामने आ सकती है।

पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

इटवा में नौ लीटर अवैध शराब की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती शराब की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने की है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि शराब कहां से आई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

इसी तरह गांजा और पशु तस्करी से संबंधित शिकायतों की भी जांच की जरूरत है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाकर संबंधित नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी होगा।

किसी भी अवैध कारोबार को केवल छोटे स्तर के आरोपी की गिरफ्तारी से समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए सप्लायर, परिवहनकर्ता, बिक्री करने वाले और संभावित मुख्य संचालकों तक पहुंचना आवश्यक होता है।

अब उठ रहा सीधा सवाल—बाकी पर कार्रवाई कब?

इटवा में शराब के साथ एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई दर्ज कर दी है। लेकिन अब स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि यदि क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी अवैध शराब बिक्री की शिकायतें हैं तो वहां कब कार्रवाई होगी? यदि गांजा बिक्री की शिकायतें हैं तो उनका सत्यापन कब होगा? और यदि पशुओं के अवैध परिवहन के आरोप सामने आ रहे हैं तो पुलिस उन पर कब शिकंजा कसेगी?

इन सवालों का जवाब पुलिस की आगामी कार्रवाई से ही मिल सकेगा।

स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि पुलिस क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाकर अवैध शराब, मादक पदार्थों और पशुओं के अवैध परिवहन से जुड़ी शिकायतों की जांच करे। इससे जहां वास्तविक अपराधियों पर कार्रवाई होगी, वहीं बेबुनियाद आरोपों की स्थिति में भी तस्वीर साफ हो सकेगी।

फिलहाल एक शराब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सकलडीहा क्षेत्र में सवाल यही है कि कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित रहेगी या पुलिस कथित अवैध कारोबार की अन्य शिकायतों की तह तक पहुंचकर बड़े नेटवर्क का भी खुलासा करेगी।