चंदौली। किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी की रिहाई के बाद किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए किसान नेता को मंगलवार दोपहर बाद सदर उपजिलाधिकारी ने जमानत दे दी। रिहाई के बाद कचहरी परिसर में पहुंचे किसानों ने मणि देव चतुर्वेदी का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें किसानों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी के नेतृत्व में पचास से अधिक किसान धरना स्थल पर पहुंचे और धरना दोबारा शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।
धरना स्थल पर पहुंचे सदर उपजिलाधिकारी संजय राय ने किसानों से बातचीत की और उनकी मांगों पर एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की कमेटी ने आंदोलन को फिलहाल एक सप्ताह के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समय के भीतर किसानों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संयुक्त किसान मोर्चा दोबारा धरना शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया
धरना स्थल पर किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी आमरण अनशन पर बैठे थे। प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता के बाद सदर उपजिलाधिकारी संजय राय ने उन्हें जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के आश्वासन को सुना और एक सप्ताह तक निर्णय का इंतजार करने पर सहमति जताई।
किसान नेता की रिहाई के बाद कचहरी परिसर में किसानों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। किसानों का कहना था कि मणि देव चतुर्वेदी की गिरफ्तारी से आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी रिहाई के बाद किसानों का मनोबल और मजबूत हुआ है। किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि किसानों की समस्याओं और अधिकारों के समाधान के लिए है।
रात में गिरफ्तारी के बाद बढ़ा था आक्रोश
बताया गया कि किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी को धरना स्थल से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके खिलाफ शांति भंग के आरोप में कार्रवाई की थी। गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही किसानों और संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े लोगों में आक्रोश फैल गया था। किसानों ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया था।
मंगलवार को जमानत मिलने के बाद जब मणि देव चतुर्वेदी कचहरी परिसर पहुंचे तो वहां मौजूद किसानों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसानों की मांगों को लेकर धरना जारी रखा जाएगा।
पचास से अधिक किसानों ने फिर संभाला मोर्चा
बैठक के बाद मणि देव चतुर्वेदी के नेतृत्व में पचास से अधिक किसान धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने वहां पहुंचकर दोबारा धरना शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि प्रशासन की ओर से एक सप्ताह में निर्णय लेने का आश्वासन मिलने के बाद धरना फिलहाल स्थगित किया गया है।
एक सप्ताह में फैसला नहीं तो फिर शुरू होगा आंदोलन
उपजिलाधिकारी सदर संजय राय के आश्वासन के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की कमेटी ने तय किया कि प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस दौरान किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, इसकी समीक्षा की जाएगी।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संयुक्त किसान मोर्चा पुनः धरना शुरू करेगा। किसानों ने कहा कि आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं किया गया है। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के आधार पर किसानों ने यह निर्णय लिया है।
पंचायत में बनी आंदोलन की रणनीति
धरना स्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा की पंचायत भी आयोजित की गई। पंचायत में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। पंचायत का संचालन किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी ने किया, जबकि अध्यक्षता महेश्वर सिंह ने की।
पंचायत को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान, अशोक सिंह और रामनारायण यादव ने संबोधित किया। वक्ताओं ने किसानों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा और प्रशासन के साथ हुई बातचीत तथा दिए गए आश्वासन की समय सीमा पूरी होने तक इंतजार किया जाएगा।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन अपने आश्वासन के अनुसार निर्धारित अवधि में किसानों की समस्याओं का समाधान करता है तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। वहीं यदि मांगों को टालने या आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास हुआ तो किसान फिर से धरना शुरू करेंगे।
प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित धरना
सदर उपजिलाधिकारी संजय राय द्वारा एक सप्ताह के भीतर मांगों पर निर्णय लेने के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना धरना एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। इसके साथ ही आमरण अनशन भी समाप्त हो गया।
धरना स्थल पर किसानों की मौजूदगी और मणि देव चतुर्वेदी की रिहाई के बाद संगठन में उत्साह दिखाई दिया। किसानों ने कहा कि आंदोलन के दौरान एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक निर्णय लेकर किसानों को दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। धरने में डॉ. राजीव मौर्या, प्रभाकर सिंह, अलाउद्दीन, संतोष यादव, बिजेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार, पूर्व सैनिक बाबू लाल यादव, दशरथ राम, विनोद चौहान, गोपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने फिलहाल प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। अब किसानों और प्रशासन के बीच हुए आश्वासन का परिणाम अगले सप्ताह सामने आएगा। यदि मांगों पर सहमति बनती है तो आंदोलन समाप्त हो सकता है, लेकिन निर्णय नहीं होने की स्थिति में किसान दोबारा धरना शुरू करने की तैयारी में हैं।
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