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मुगलसराय एसओ और सकलडीहा कस्बा इंचार्ज लाइन हाजिर, वायरल वीडियो ने खोली पुलिस की कार्यप्रणाली की पोल

मुगलसराय में पूर्व फौजी की नाक से बहा खून, सकलडीहा में महिला से कथित मारपीट; डीआईजी वैभव कृष्ण ने दोनों मामलों में मांगा जवाब

चंदौली। जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े दो अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महकमे में कार्रवाई हुई है। मुगलसराय थाने में पैरवी करने पहुंचे पूर्व फौजी सुनील पटेल और थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के बीच हुई तीखी बातचीत के दौरान पूर्व फौजी की नाक से रक्तस्राव होने का वीडियो सामने आया। वहीं सावन के अंतिम सोमवार को सकलडीहा कस्बे में खुले में मांस बिक्री का विरोध करने वाली महिला के साथ कथित मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मुगलसराय थानाध्यक्ष विजय कुमार सिंह और सकलडीहा कस्बा इंचार्ज वर्णेंद्र राय को लाइन हाजिर कर दिया है। दोनों प्रकरणों की जांच जारी है।

मुगलसराय थाने से जुड़ा मामला उस समय सामने आया, जब पूर्व फौजी सुनील पटेल एक फरियादी के प्रार्थना पत्र की पैरवी करने थाने पहुंचे थे। सुनील पटेल के अनुसार, वह फरियादी की समस्या को लेकर थानाध्यक्ष से बातचीत करने गए थे। इसी दौरान उनके और थानाध्यक्ष विजय कुमार सिंह के बीच बातचीत तीखी हो गई।

पूर्व फौजी का आरोप है कि बातचीत के दौरान थानाध्यक्ष और उनके हमराहियों ने उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान उनकी नाक से रक्तस्राव होने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में पूर्व फौजी और थानाध्यक्ष के बीच आक्रामक बातचीत दिखाई देने की बात सामने आई है।

सुनील पटेल ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वह एक फरियादी के प्रार्थना पत्र की पैरवी के लिए थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह बेहद आपत्तिजनक था।

मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मुगलसराय थानाध्यक्ष विजय कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका, बातचीत की परिस्थितियां और पूर्व फौजी को लगी चोट समेत अन्य पहलुओं को देखा जा रहा है।

सकलडीहा में महिला से कथित मारपीट का वीडियो

दूसरा मामला सकलडीहा कस्बे से जुड़ा है। सावन के अंतिम सोमवार को खुले में मांस बिक्री किए जाने का एक महिला द्वारा विरोध किया गया था। इसी दौरान महिला के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। धार्मिक पर्व के दिन हुई घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में चर्चा तेज हो गई और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे।

वीडियो वायरल होने के बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। प्रकरण में सकलडीहा कस्बा इंचार्ज वर्णेंद्र राय की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे। इसके बाद उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया।

दोनों घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि डीआईजी वैभव कृष्ण ने दोनों वायरल वीडियो को लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। अधिकारियों के स्तर से दोनों घटनाओं की जांच कराई जा रही है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

मुगलसराय और सकलडीहा के दोनों मामलों में पुलिस विभाग ने प्रारंभिक स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई की है। हालांकि, लाइन हाजिर किया जाना अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। दोनों मामलों में जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका किस स्तर तक रही।

मुगलसराय प्रकरण में थाने में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और पूर्व फौजी की मेडिकल रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। वहीं सकलडीहा मामले में वायरल वीडियो के साथ संबंधित पक्षों के बयान और मौके की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों की ओर से दोनों मामलों में जवाब तलब किए जाने के बाद अब जांच रिपोर्ट पर नजर बनी हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की विभागीय कार्रवाई हो सकती है।


दोनों घटनाओं ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के व्यवहार और फरियादियों के साथ होने वाले बर्ताव को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर मुगलसराय मामले में पूर्व फौजी द्वारा थानाध्यक्ष और हमराहियों पर लगाए गए मारपीट के आरोप तथा नाक से रक्तस्राव का वीडियो सामने आने से मामला गंभीर हो गया है। वहीं सकलडीहा में महिला से कथित मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई भी चर्चा में है।

फिलहाल दोनों प्रकरणों की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।