रेल की तरह हिंदी भी जोड़ती है दिल और संस्कृतियां, डीडीयू मंडल में राजभाषा सप्ताह शुरू

डीडीयू नगर, 14 सितंबर 2026। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को राजभाषा सप्ताह का शुभारंभ हुआ। मंडल कार्यालय के सभागार में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक मंडल रेल प्रबंधक श्री उदय सिंह मीना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा के साथ राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक उपयोग और सप्ताहभर आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि “जिस तरह हमारी रेल एक प्रांत से दूसरे प्रांत की यात्रा करती है, उसी तरह हिंदी भी एक प्रांत से दूसरे प्रांत की यात्रा करती है। यह न सिर्फ संस्कृतियों को जोड़ती है, बल्कि दूसरी भाषाओं से मेल भी कराती है।” राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए यांत्रिक विभाग (कैरिज एंड वैगन) को राजभाषा चल शील्ड प्रदान की गई।
फोटो कैप्शन: हिंदी दिवस पर डीडीयू मंडल कार्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में मंडल रेल प्रबंधक श्री उदय सिंह मीना व अन्य अधिकारी।

हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक श्री उदय सिंह मीना ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह विचारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को लगातार बढ़ावा देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय रेल देश के अलग-अलग हिस्सों को आपस में जोड़ने का काम करती है। रेल के माध्यम से लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृतियों से परिचित होते हैं। इसी तरह हिंदी भी देश के विभिन्न प्रांतों के लोगों के बीच संवाद और जुड़ाव का माध्यम बनती है। हिंदी की यह भूमिका देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के बीच आपसी समझ को मजबूत करती है।

मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी का प्रयोग और प्रसार अनवरत जारी रहना चाहिए। हिंदी राजभाषा होने के कारण कार्यालयीन कार्यों में इसका प्रयोग करना संवैधानिक उत्तरदायित्व है। इसके साथ ही रेल यात्रियों, उपभोक्ताओं और आम जनता के प्रति यह नैतिक जिम्मेदारी भी है कि सरकारी और रेल संबंधी कामकाज में उन्हें अधिक से अधिक सरल, सहज और समझ में आने वाली भाषा में जानकारी उपलब्ध हो।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से हिंदी के प्रयोग को केवल हिंदी दिवस या राजभाषा सप्ताह तक सीमित न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का नियमित और सहज प्रयोग ही राजभाषा के वास्तविक उद्देश्य को पूरा कर सकता है। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर प्रयास करना होगा और कर्मचारियों को भी हिंदी में काम करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।

बैठक के दौरान डीडीयू मंडल में राजभाषा कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई। गत अवधि में मंडल के विभिन्न कार्यालयों और स्टेशनों पर हिंदी के प्रयोग तथा राजभाषा से संबंधित गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा हुई। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के उपयोग को और बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयासों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले यांत्रिक विभाग (कैरिज एंड वैगन) को राजभाषा चल शील्ड प्रदान की गई। विभाग को यह सम्मान हिंदी के प्रयोग और राजभाषा कार्यान्वयन में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया गया। अधिकारियों ने विभाग को सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।

डीडीयू मंडल में 14 से 18 सितंबर 2026 तक राजभाषा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत कर्मचारियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें हिंदी टिप्पण, निबंध लेखन और वाक् प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को हिंदी के प्रयोग के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

राजभाषा सप्ताह के दौरान मंडल के विभिन्न कार्यालयों का राजभाषा संबंधी निरीक्षण भी किया जाएगा। निरीक्षण के माध्यम से कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के प्रयोग की स्थिति का आकलन किया जाएगा। साथ ही राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे। इससे मंडल के कार्यालयों और स्टेशनों पर हिंदी के प्रयोग को और गति मिलने की उम्मीद है।

बैठक में अधिकारियों ने राजभाषा सप्ताह के दौरान होने वाली गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने और अधिक से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की। कर्मचारियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किए जाने की बात भी कही गई। सप्ताह के दौरान होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य हिंदी के प्रति रुचि पैदा करने के साथ कार्यालयीन कामकाज में इसके व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी सामने आया कि भारत की भाषाई विविधता उसकी विशेष पहचान है। ऐसे में किसी एक भाषा को दूसरी भाषा के स्थान पर खड़ा करने के बजाय विभिन्न भाषाओं के बीच संवाद और समन्वय को बढ़ावा देना जरूरी है। हिंदी देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के बीच संपर्क का माध्यम बनने के साथ अन्य भारतीय भाषाओं के साथ भी निरंतर संवाद करती है। मंडल रेल प्रबंधक द्वारा रेल और हिंदी की यात्रा को लेकर दिया गया उदाहरण इसी व्यापक भावना को रेखांकित करता है।

भारतीय रेल में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले अधिकारी, कर्मचारी और यात्री प्रतिदिन एक-दूसरे से जुड़ते हैं। ऐसे वातावरण में सरल और सहज भाषा का महत्व और बढ़ जाता है। राजभाषा हिंदी के प्रयोग से कार्यालयीन कार्यों को जनता के लिए अधिक सुगम बनाने में भी मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से रेल प्रशासन की ओर से राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।

कार्यक्रम में अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी सह अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री कुलदीप तथा अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वितीय श्री सूरज कुमार सहित मंडल के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।

हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित यह बैठक राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ कर्मचारियों को हिंदी में काम करने के लिए प्रेरित करने का अवसर बनी। राजभाषा सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं और निरीक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मंडल में हिंदी के प्रयोग को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में यह भावना प्रमुखता से सामने आई कि जिस तरह रेल देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ती है, उसी तरह हिंदी भी लोगों, विचारों और संस्कृतियों के बीच संवाद की कड़ी बन सकती है।

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