बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने योजना के अंतर्गत चयनित स्टेशनों पर चल रहे निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और निर्धारित समय-सीमा के संबंध में जानकारी ली। महाप्रबंधक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
रेलवे के अनुसार, स्टेशन पुनर्विकास का उद्देश्य केवल भवनों और यात्री सुविधाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक केंद्र के रूप में विकसित करना है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों पर यात्रियों की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है। इसके साथ ही भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या और आवश्यकताओं को देखते हुए स्टेशन परिसरों का विस्तार और आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है।
पूर्व मध्य रेल में इस योजना के तहत कुल 97 स्टेशन शामिल किए गए हैं। इनमें दानापुर मंडल के 22 स्टेशन, सोनपुर मंडल के 16 स्टेशन, धनबाद मंडल के 17 स्टेशन, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के 17 स्टेशन और समस्तीपुर मंडल के 25 स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रहा है। योजना के तहत स्टेशन भवनों के आधुनिकीकरण से लेकर यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाने और परिसर को बेहतर स्वरूप देने तक कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे स्टेशनों में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रेलवे का लक्ष्य स्टेशन परिसर में यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए मौजूदा यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के साथ आवश्यकता के अनुसार नई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन तक पहुंच को सुगम बनाने, यात्रियों के आवागमन को व्यवस्थित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।
स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशनों को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप देने के साथ स्थानीय पहचान को भी महत्व दिया जा रहा है। रेलवे के अनुसार, स्टेशन की वास्तुकला को संबंधित क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान के अनुरूप विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन अपने क्षेत्र की परंपरा और सांस्कृतिक विशेषताओं की झलक भी प्रस्तुत करें।
इस योजना को विकसित भारत के भारतीय रेल के दृष्टिकोण से भी जोड़ा जा रहा है। रेलवे स्टेशनों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव देने पर जोर है। पुनर्विकास के बाद इन स्टेशनों पर यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। स्टेशन परिसरों को ऐसा स्वरूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है, जहां यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, सुगम पहुंच और बेहतर यात्री अनुभव को प्राथमिकता मिले।
रेलवे का मानना है कि आधुनिक स्टेशन केवल रेल यात्रियों के आवागमन का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़े होते हैं। बेहतर रेल संपर्क और आधुनिक स्टेशन सुविधाओं से स्थानीय व्यापार, कृषि गतिविधियों तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच मजबूत हो सकती है। स्टेशन पुनर्विकास के माध्यम से इन क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अमृत भारत स्टेशन योजना में स्थानीय जरूरतों और क्षेत्रीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। स्टेशन परिसरों में उपलब्ध मौजूदा सुविधाओं का उन्नयन करने के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक अतिरिक्त व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। रेलवे का प्रयास है कि पुनर्विकसित स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान का संतुलित उदाहरण बनें।
महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और काम की गति के साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। रेलवे के स्तर पर इन परियोजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा किए जाने का उद्देश्य यही है कि निर्माण कार्य समय से पूरे हों और यात्रियों को जल्द से जल्द आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्व मध्य रेल के 97 स्टेशनों का चयन क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे को नए स्वरूप में विकसित करने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। पांचों मंडलों में चल रहे इन कार्यों के पूरा होने के बाद यात्रियों को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक स्टेशन परिसर उपलब्ध होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन की ओर से अब निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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