मुगलसराय में चोरों के हौसले बुलंद, बंद मकान का दरवाजा तोड़ लाखों का माल पार; पुलिस गश्त पर सवाल

चंदौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) कोतवाली क्षेत्र के रवि नगर, बेचूपुर में चोरों ने एक बंद और जर्जर मकान को निशाना बनाकर करीब 80 हजार से एक लाख रुपये कीमत का सामान पार कर दिया। चोर मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़कर मकान में दाखिल हुए और स्टेनलेस स्टील की रेलिंग, स्टील के बर्तन, गैस चूल्हा, सिलेंडर, सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर समेत अन्य सामान उठा ले गए। वारदात के दौरान चोरों ने मकान की बिजली आपूर्ति बाधित करने के लिए मीटर से अंदर जाने वाली मेन लाइन का तार भी काट दिया। सोमवार सुबह मकान मालिक के पहुंचने पर चोरी की जानकारी हुई। सूचना पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बाद इलाके में पुलिस गश्त को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फोटो कैप्शन: मुगलसराय के रवि नगर स्थित जर्जर मकान में चोरी के बाद टूटा मुख्य दरवाजा।

रवि नगर निवासी दीपक कुमार सिन्हा का बेचूपुर में मकान संख्या-260 है। बताया गया कि मकान काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। मकान की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दीपक कुमार सिन्हा वर्तमान में दूसरे मकान में रहते हैं। पुराने मकान के पुनर्निर्माण की तैयारी के चलते वहां कुछ सामान रखा हुआ था। मकान बंद रहने का फायदा उठाकर चोरों ने इसे निशाना बना लिया।

पीड़ित के मुताबिक सोमवार सुबह जब वह अपने पुराने मकान पर पहुंचे तो मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी। दरवाजे की हालत देखकर उन्हें चोरी होने की आशंका हुई। अंदर जाने पर सामान अस्त-व्यस्त मिला और कई महत्वपूर्ण सामान गायब थे। उन्होंने मकान के अलग-अलग हिस्सों में जाकर देखा तो चोरी की पूरी स्थिति सामने आई।

मकान में पुनर्निर्माण के लिए बनवाकर रखी गई स्टेनलेस स्टील की रेलिंग भी चोर उठा ले गए। इसके अलावा घर में रखे स्टील के बर्तन, गैस चूल्हा और गैस सिलेंडर भी गायब मिले। चोरों ने मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर तक नहीं छोड़े। इस वजह से मकान के अंदर हुई वारदात की रिकॉर्डिंग भी मौके पर उपलब्ध नहीं रह गई।

पीड़ित ने चोरी गए सामान की कीमत करीब 80 हजार से एक लाख रुपये के बीच बताई है। हालांकि सामान की वास्तविक कीमत और कुल नुकसान का आकलन जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा। मकान में रखा स्टील का पलंग मौके पर पड़ा मिला। इससे माना जा रहा है कि चोरों ने उन सामानों को अधिक निशाना बनाया जिन्हें उठाकर आसानी से बाहर ले जाया जा सकता था।

चोरी की घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि चोरों ने मकान की बिजली लाइन को भी काट दिया। पीड़ित के अनुसार मीटर से घर के अंदर जाने वाली मुख्य बिजली लाइन का तार काटा गया है। इससे मकान की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। चोरों ने यह तार कब और किस उद्देश्य से काटा, यह जांच का विषय है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर वारदात के तरीके को समझने का प्रयास कर रही है।

सुबह चोरी का पता चलने के बाद पीड़ित ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मकान का निरीक्षण किया। पुलिस ने टूटे हुए मुख्य दरवाजे और मकान के अंदर की स्थिति को देखा। इसके बाद पीड़ित को कोतवाली में लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया।

दीपक कुमार सिन्हा ने मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर घटना की जांच कराने और चोरी गया सामान बरामद कराने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से चोरों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की है।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल इलाके में पुलिस गश्त को लेकर उठ रहा है। बंद मकान में मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़कर चोरों का दाखिल होना और काफी सामान लेकर निकल जाना बताता है कि वारदात के दौरान उन्हें तत्काल किसी तरह की पुलिस कार्रवाई का डर नहीं रहा होगा। हालांकि पुलिस गश्त में कोई लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

स्थानीय स्तर पर बंद और खाली मकानों की सुरक्षा हमेशा चुनौती बनी रहती है। ऐसे मकानों में लोगों की नियमित आवाजाही नहीं होने के कारण चोरों को मौका मिल जाता है। कई बार आसपास के लोगों को भी मकान में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर नहीं हो पाती। इस मामले में भी मकान मालिक के दूसरे स्थान पर रहने के कारण चोरों को वारदात करने का अवसर मिला।

हालांकि मकान में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन चोर उन्हें और डीवीआर को भी अपने साथ ले गए। ऐसे में पुलिस के लिए घटनास्थल से सीधे सीसीटीवी फुटेज हासिल करना मुश्किल हो सकता है। इसके बावजूद आसपास के घरों, दुकानों और आने-जाने वाले रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज जांच में अहम साबित हो सकती है। यदि चोरी के दौरान चोर किसी वाहन का इस्तेमाल करके आए होंगे तो आसपास के कैमरों से उनकी गतिविधियों का पता चल सकता है।

पुलिस के सामने अब चोरी गए सामान का पता लगाने के साथ ही आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती है। घटनास्थल पर मिले टूटे दरवाजे, बिजली का काटा गया तार और अन्य परिस्थितियां जांच में महत्वपूर्ण हो सकती हैं। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में मकान के आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

पीड़ित का कहना है कि पुराने मकान में चोरी की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। विशेष रूप से पुनर्निर्माण के लिए रखी गई स्टील की रेलिंग चोरी होने से निर्माण कार्य की तैयारी भी प्रभावित हुई है। घरेलू उपयोग के सामान के साथ सीसीटीवी उपकरण चोरी होने से सुरक्षा व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है।

फिलहाल पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चोरी गए सामान की सूची और कीमत की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आसपास के संभावित सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर सकती है। अब देखना होगा कि बंद मकान में हुई इस चोरी का पुलिस कितनी जल्दी खुलासा कर पाती है और चोरी गया सामान कब तक बरामद होता है।

इस घटना ने मुगलसराय क्षेत्र में बंद मकानों की सुरक्षा और रात के समय पुलिस गश्त को लेकर चर्चा तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाली अथवा बंद मकानों वाले इलाकों में नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि चोरों को वारदात का मौका न मिले। हालांकि पुलिस गश्त पर उठ रहे सवालों की वास्तविक स्थिति जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।


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