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चंदौली के सकलडीहा में न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्तागण

खतौनी में अंश निर्धारण और संशोधन में भारी भ्रष्टाचार का लगाया आरोप 

चेताया कि संवैधानिक कानून के अनुकूल कार्य नहीं किया गया तो अनवरत कार्य से रहेंगे विरत 

चंदौली, सकलडीहा। सकलडीहा बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बुधवार को एक आवश्यक बैठक किया। बैठक में तहसील में खतौनी में अंश निर्धारण और संशोधन मे व्याप्त भारी भ्रष्टाचार को लेकर अनिश्चित कालीन कार्य से विरत रहने का अहम निर्णय लिया।
 
फोटो : सकलडीहा तहसील में कार्य से विरत अधिवक्तागण 

सकलडीहा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार पाण्डेय (एडवोकेट) एवम् महामंत्री उपेन्द्र सिंह (एडवोकेट) ने संयुक्त रूप से बताया कि तहसील में मौजूद सभी लेखपाल, कानूनगो,तहसीलदार तथा उपजिलाधिकारी तक सभी भ्रष्ट हैं और संवैधानिक अधिकार और कानून को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से जनता का शोषण और हनन कर रहे है। खतौनी में अंश निर्धारण और धारा 76(2) व अन्य खतौनी संशोधन धारा 38(6) के तहत हो रहे मनमानी को लेकर कार्य से विरत रहे है। 

उन्होने चेताया कि उपजिलाधिकारी और तहसीलदार तथा उनके अधीनस्थ कर्मचारी संविधान में उल्लिखित उक्त कानून के अंतर्गत उनके साथ अनुकूल व्यवहार नहीं किया गया तो वह अनवरत कार्य से विरत रहने को बाध्य होंगे। 

इस दौरान सच्चिदानंद सिंह, सुरेन्द्र कांत मिश्रा, पंकज कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह,जयप्रकाश यादव, जियाछू राम, उमाशंकर, अंकित तिवारी, शशिभूषण सिंह, सुभाष भारती सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

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