Hot Posts

6/recent/ticker-posts

चंदौली पहुंचे भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत

एकीकृत न्यायालय परिसर का किया शिलान्यास, बोले यूपी मॉडल दूसरे राज्यों को बताएंगे

चंदौली में एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास के लिए शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ पंकज मित्तल, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल के साथ हाई कोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली सहित सर्वाेच्च न्यायालय के 5 और हाईकोर्ट के 18 जज भी मौजूद रहे. सीएम योगी आदित्यनाथ का भी आगमन हुआ.

1500 करोड़ की लागत से कोर्ट कांप्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा.यह सुविधा उत्तर प्रदेश के छह जिलों- चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया में शुरू की जा रही है.

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एकीकृत न्यायालय परिसर बनवाने के लिए यूपी सरकार की सराहना की. उन्होंने कहा कि वे जब दूसरे राज्यों के दौरे पर जाएंगे तो वहां की सरकारों और हाईकोर्ट्स को यूपी मॉडल से सीख लेने की सलाह देंगे.

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- संविधान में जिला न्यायपालिका को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक राज्य का अपना हाईकोर्ट होगा, जिलों में जिला कोर्ट होंगे. न्यायालयों को मौलिक अधिकारों, मानवीय अधिकारों सहित अन्य संवैधानिक अधिकारों को लागू करने की व्यापक शक्तियां प्राप्त होंगी. संविधान निर्माताओं की मंशा यही थी कि यदि जिला स्तर पर न्यायपालिका सशक्त होगी, तो ‘एक्सेस टू जस्टिस’ का सपना साकार होगा. आम नागरिक को अपने ही क्षेत्र में न्याय मिल सकेगा

जिलों में आम आदमी के लिए ‘एक्सेस टू जस्टिस’

CJI सूर्यकांत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है, तो वह अपने ही जिले में जाकर न्याय पा सके, इसी उद्देश्य से जिला न्यायपालिका की अवधारणा विकसित की गई. यह व्यवस्था न्याय को आम आदमी के और अधिक करीब लाने का माध्यम है.

सीजेआई ने राज्य सरकार से कोर्ट्स में महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग सुविधाएं डेवलप करने पर विचार करने को भी कहा. उन्होंने कहा कि कोर्ट कैंपस में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी होना चाहिए ताकि ज्यूडिशियल अफसरों, अधिवक्ताओं और फरियादियों को तत्काल मेडिकल सुविधा मिल सके.

CJI सूर्यकांत की सोच से मिली प्रेरणा- योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक यात्रा के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस बात पर विशेष जोर दिया था कि न्याय व्यवस्था आम नागरिक तक सरलता से पहुंचे. इसके लिए इंटीग्रेटेड मॉडल जरूरी हैं. क्योंकि यहां न्याय से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी. उनकी सोच ने इस पहल को दिशा दी.

ईज ऑफ लिविंग’ की तर्ज पर न्यायिक सुधार

योगी ने बताया कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाएं, अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, पार्किंग और कैंटीन सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं होंगी. इससे अधिवक्ताओं को जर्जर चैंबरों में काम करने की मजबूरी नहीं रहेगी। उन्हें हाई राइज भवनों में बेहतर व सम्मानजनक कार्यस्थल मिलेगा.

न्यायिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय

मुख्यमंत्री ने इसे भारत के न्यायिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मजबूत न्यायपालिका और बेहतर न्यायिक इन्फ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य है. न्यायिक कार्यों को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. संसाधनों की कोई कमी नहीं है, केवल इच्छाशक्ति के साथ काम करने की जरूरत है.

सीएम ने चंदौली सहित सभी जिलों के अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के संघर्ष की सराहना की. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के साथ समन्वय कर सरकार ने इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए हैं.

काशी में भी होगी हाईटेक कोर्ट 

 मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजों का स्वागत किया. उन्होंने घोषणा की कि वाराणसी में भी जल्द ही इसी तरह का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर बनाया जाएगा. उन्होंने शिलान्यास कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए सभी को बधाई दी.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ