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विंध्य एक्सप्रेसवे पर नहीं थम रहा विरोध, वार्ता न हुई तो धरने पर बैठेंगे राकेश टिकैत

चंदौली। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा एवं भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने कहा कि भाकियू टिकैत जिले के किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन किसानों से वार्ता करने में हीलाहवाली करता है तो भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत स्वयं धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपजाऊ कृषि भूमि किसी भी कीमत पर नहीं जाने देंगे। यूपीडा से मांग की गई कि किसानों से वार्ता कर एक्सप्रेसवे के लिए वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार किया जाए। उनका आरोप था कि परियोजना का सर्वे ड्रोन के माध्यम से किया गया है, जिसके कारण प्रस्तावित मार्ग कई स्थानों पर घनी आबादी, विद्यालयों और उपजाऊ कृषि भूमि से होकर गुजर रहा है, जो किसानों के लिए स्वीकार्य नहीं है।

किसानों ने कहा कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे। धरने में सतीश सिंह चौहान, दशरथ राम, महेंद्र राम, बहादुर यादव, रिंकू, उमाशंकर मिश्रा, राजू, संजय सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।

इस दौरान पूर्व विधायक डबलू सिंह ने भी धरनास्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोग किसान संघर्ष मोर्चा के साथ मजबूती से खड़े हैं और किसानों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष किया जाएगा। किसानों ने ऐलान किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक धरना अनवरत जारी रहेगा।

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