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चंदौली में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ी आस्था

सत्य धर्म आश्रम में संत गुरु रविदास, तथागत बुद्ध, महात्मा शंभूक व डॉ. आंबेडकर को श्रद्धापूर्वक किया गया नमन

चंदौली। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जनपद भर में श्रद्धा, भक्ति और गुरु वंदना का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। मंदिरों, आश्रमों एवं शिक्षण संस्थानों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने अपने गुरुजनों एवं महापुरुषों का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा ज्ञान, संस्कार, मानवता और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

इसी क्रम में विकासखंड शहाबगंज के समरौरा गांव स्थित सत्य धर्म आश्रम में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई गई। आश्रम में संत शिरोमणि गुरु रविदास, तथागत बुद्ध, महात्मा शंभूक एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संत गुरु रविदास ने समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। तथागत बुद्ध ने करुणा, अहिंसा और मध्यम मार्ग का उपदेश देकर विश्व को शांति का मार्ग दिखाया। महात्मा शंभूक सामाजिक न्याय, आत्मसम्मान और समान अधिकारों के प्रतीक हैं, जबकि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके विचार आज भी समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष की प्रेरणा देते हैं।

वक्ताओं ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही मनुष्य के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्राप्त कर सकता है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने समाज में भाईचारा, समानता, शिक्षा और नैतिक मूल्यों के प्रसार का संकल्प लिया। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

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