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ब्रती महिलाओ और पुरुषों नें उगते सूर्य को अर्घ्य देकर की कामना

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रैथा छठ घाट पर मुस्लिम प्रधान प्रतिनिधि मु0 दिलसेर नें उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर हिन्दू मुस्लिम एकता भाईचारे की मिशाल पेश किया  चन्दौली, धीना l सोमवार की भोर में चार बजे से ही महापर्व छठ पूजा की ब्रती महिलाओं के साथ अन्य महिलाएं छठ गीत गाती हुई धीना थाना क्षेत्र के रैथा शिव मंदिर के पोखरे, कस्बा कमालपुर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व हरिनारायण अगरहरी सरोवर, जनौली गाँव में स्थित पोखरे, डिघी गाँव, इमिलिया गाँव, खझरा अगहर बीर बहुरिया नदी, बैरी कला गाँव सड़क किनारे घाटों पर पानी में खड़े होकर उदय हो रहे सूर्य को अर्ध्य देकर छठ पूजा को मनोकामना के साथ सम्पन्न कर भाष्कर भगवान की पूजा अर्चना की | शिव मंदिर रैथा स्थित पोखरे पर ग्राम प्रधान रैथा मु इजहार नेप्रकाश एवं धार्मिक छठ गीत संगीत तथा, कस्बा कमालपुर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व हरि नारायण अगरहरी सरोवर पर उद्योग ब्यापार मंडल अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान कमालपुर सुदामा जायसवाल ने प्रकाश झालर एवं मंच बनाकर अभय लाल यादव,महिला में प्रिया सिंह, शालू प्रजापति,ख़ुशी राज ने देर रात्रि तक छठ गीत के साथ धार्मिक गीतों के साथ ऎसा समा ब...

डाला छठ पर ब्रती महिलाओं नें अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर की मंगल कामना

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चन्दौली l पुत्र और परिवार की मंगल कामना के साथ छठ का महापर्व के तीसरे दिन ब्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ दिया l ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों में आज नदी,पोखरों तालाबों, नहरों पर बनाये गये घाट पर दौरा मे फल फूल सजाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मन्नत मांगी l  रैथा ग्राम सभा में शिवमंदिर पोखरे पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती महिलाए  प्रथम दिन व्रती महिलाए दिनभर उपवास रख कर शाम को खीर रोटी खाकर रहती है।दूसरे दिन निर्जला व्रत रख कर शाम को ढलते सूर्य को अर्घ्य देती है ।और तीसरे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना निर्जला व्रत पूर्ण करती है । बहुत से पुरुष भी इस व्रत को पुत्र परिवार की मंगल कामना के लिए रखते है । बाजार भी आज तरह तरह के फलों के साथ सजा हुआ है।

लोक आस्था का महापर्व छठ का महत्व और विशेषताएं जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

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छठ पूजा 17 नवंबर से लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू हो रहा है। इस महोत्सव का समापन 20 नवंबर को होगा । चार दिन तक चलने वाले छठ पूजा के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन साध्य अर्घ्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य देते हुए समापन होता है l छठ पूजा माता छठी की पूजा हेतु मनाई जाती है जो की वेदों के अनुसार भगवान सूर्यनारायण की पत्नी उषा हैं ! इसलिए छठ पूजा के दिन माँ छठी के साथ-साथ उनके पति सूर्य देव की भी पूजा का विशेष विधान होता है ! छठ पूजा वर्ष में दो बार मनाई जाती है, चैती छठ पूजा चैत्र मास में आती है और कार्तिक छठ पूजा जो कार्तिक मास में षष्ठी तिथि को मनाई जाती है ! यह व्रत अत्यंत कठिन है और इसमें पूर्ण तन और मन को साधना होता है इसलिए इसे हठयोग भी कहा जाता है ! छठ पूजा की विशेषता : - छठ पूजा का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है ! यह त्यौहार मूल रूप से बिहार, झारखण्ड, नेपाल तथा उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है ! यह पर्व चार दिनों तक चलता है, जो की दिवाली की अमावस्या के बाद मनाया जाता है ! मुख्यतः भैया दूज के तीसरे दिन से यह व्रत शुरू होता है, तथा शुक्ल पक्ष की षष्ठी...

डाला छठ को लेकर घाटों की साफ सफाई जारी

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चंदौली, धीना | बिकास खंड धानापुर अंतर्गत ग्राम सभा रैथा में स्थित शिव मंदिर पर स्थापित पोखरा के घाटों की गुरुवार को ग्राम प्रधान रैथा मु इजहार ने साफ सफाई करायी |कार्तिक महीने में खष्टि तिथि को महापर्व डाला छठ की पूजा हेतु गाँव के हर वर्ग की औरतें उक्त शिव मंदिर पर पूजा हेतु घाट बनाती हैं |उसी दृष्टि से पोखरे पर जहाँ घाट बनाये जाते हैं |वहां उगे घास फुस की सफाई साथ ही पोखरे में सेवार जल कुम्भीकी भीसफाई ग्राम प्रधान द्वारा कराई गयी जिससे ब्रती महिलाओं सहित ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो |ग्राम प्रधान ने कहा कि रात्रि में प्रकाश हेतु लाइटिंग के साथ जनरेटर की भी ब्यवस्था रहेगी ताकि बिजली न रहने पर लोगों को अंधकार में न रहना पड़े, ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव सहित पोखरे में बैर्केटिंग की जायेगी ताकि कोई गहरे पानी में न जा सके |निःशुल्क चाय की भी ब्यवस्था की जाएगी | उन्होंने कहा कि डाला छठ महापर्व की मान्यता है कि छठी माता लोगों की मन्नते पूर्ण करती हैं इसे भाई चारे के साथ हिन्दू मुसलमान सभी को मनाना चाहिए निःसंतान की कोख भी इस पूजा के विधि विधान से अवश्य भरती हैं ऐसे अनेकों उदाहरण...

पुत्र-प्राप्ति के लिए जामडीह तालाब में स्नान कर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं लोग

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जामेश्वर महादेव के मंदिर में दीपावली की सुबह महिलाओं की लगती है भीड़ चन्दौली जनपद के सकलडीहा तहसील मे जामडीह गांव में स्थित है जामेश्वर महादेव मंदिर रिपोर्ट ! संजय कुमार दिनकर चंदौली,  सकलडीहा ! तहसील क्षेत्र के जामडीह गांव में स्थित जामेश्वर महादेव के मंदिर में दीपावली की सुबह महिलाओं की भीड़ बढ़ती है। भैया दूज के अवसर पर होने वाले इस पौराणिक आयोजन पर भारी संख्या में दूर दराज से महिलाएं आती हैं। इस पर्व पर खास तौर पर यहां महिलाएं पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए मन्नत मांगने आती हैं।   चंदौली जिले के सकलडीहा रेलवे स्टेशन से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित जामेश्वर महादेव जी का यह मंदिर लगभग 177 साल पुराना है। यहां पर महिलाएं पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए मन्नतें मांगने के लिए आती हैं और जिनकी मन्नत पूरी होती है वह दीपावली के सुबह स्नान करने और अपने बच्चों का मुंडन कराने का कार्य करतीं है l कहा जाता है कि यहां पर केवल चंदौली जिले से ही नहीं बल्कि आसपास के कई जनपदों, प्रदेशों के लोग भी पूजन अर्चन के साथ अपने पति व बच्चे के साथ दर्शन व पूजन के लिए आते हैं। यहां के...

13नवंबर से चार दिवसीय रामलीला व अभिनय का होगा मंचन

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रिपोर्ट ! नवीन राय धीना चन्दौली, धीना ! क्षेत्र के अमडा़ गांव में रामलीला समिति अमडा़ के तत्वाधान में चार दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है । इस वर्ष रामलीला समिति अपनी 77वीं वर्षगांठ मना रही है।रामलीला का आयोजन वर्ष 1947 स्वतंत्रता के बाद से अनवरत चला आ रहा है। रामलीला संस्थापक स्वर्गीय कृष्ण पाठक। विगत वर्ष 1947ई0 में संस्थापक स्वर्गीय कृष्ण पाठक व स्व0 भगवती सिंह ने संयुक्त रूप से रामलीला समिति अमडा़ की स्थापना किया था। तब से लेकर आज तक रामलीला का कार्यक्रम निरंतर होता चला आ रहा है l विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजक समिति की ओर से चार दिवसीय रामलीला व अभिनय का मंचन किया जाएगा।रामलीला समिति के आयोजन के माध्यम से अयोध्या शिरोमणि प्रभु राम के पद चिन्हों पर अविचल बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही मातृभूमि के लिए शहीद हुए अमर शहीदों की वीरगाथाओं व उनके इतिहास को याद किया जाता है चार दिवसीय रामलीला अभिनय का आयोजन आगामी 13 नवंबर को धनुष यज्ञ,14 नवंबर को भक्त प्रह्लाद ,15 नवंबर को संस्कार, 16 नवंबर को जायज कौन आदि लीला व अभिनय का मंचन किया जाएगा। रामलीला समिति अमडा़ के व...

देव दीपावली को लेकर कैबिनेट मंत्री से मिले गंगा सेवा समिति अध्यक्ष, दिया पत्रक ।

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रिपोर्ट ! राकेश यादव रौशन चहनियाँ (चंदौली) : दीपावली से पूर्व बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर देव दीपावली पर्व को सफल बनाने के लिए गंगा सेवा समिति अध्यक्ष व भाजपा नेता ने कैबिनेट मंत्री से चर्चा किया । कैबिनेट मंत्री ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आश्वासन दिया ।     वाराणसी सर्किट हाउस मे कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को पत्रक देते दीपक जायसवाल गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल द्वारा कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के नेतृत्व में विगत 14 वर्षों से पश्चिम वाहिनी मां भागीरथी तट पर देव दीपावली बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है । इस बार 27 नवम्बर सोमवार को देव दीपावली धूमधाम से मनाने के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल व भाजपा नेता डाॅ० अरबिंद पांडेय ने कैबिनेट मंत्री से मिलकर पत्रक देते हुए बताया कि आने वाले देव दीपावली, छठ पूजा व एकादशी का स्नान के पूर्व घाट की साफ-सफाई, बैरीकेडिंग, प्रकाश की ब्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त हो ।  गंगा सेवा समिति अध्यक्ष व भाजपा नेता ने बताया कि कैबिनेट मंत्री के अतुलनीय सहय...

नवमी पर दुर्गा पूजा पांडालों में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब ।

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रिपोर्ट ! संदीप कुमार पीडीडीयू नगर (चन्दौली) : नवरात्र के नौं दिन महा नवमी पर दुर्गा पूजा पंडालों में माँ के दर्शन-पूजन के लिए भक्तो का जनसैलाब उमड़ पड़ा । विशालकाय पंडाल लोगों को अपनी ओर आक​​र्षित कर रहे हैं । कहीं मां दुर्गा चंद्रयान थ्री पर सवार हुई हैं, तो कहीं केदारनाथ मंदिर में मां दुर्गा महिषासुर का वध कर रही हैं । वहीं महामारी रूपी दैत्य के मुँह से भक्त माँ आदि श​क्ति के दर्शन कर रहे हैं । कहीं पंडाल के आस-पास की आकर्षक सजावट लोगों के मन मोह रही है । आदिश​क्ति की पूजा का महापर्व शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा मेला की शुरूआत शनिवार को हुई । महाष्टमी पर दुर्गा पूजा पंडालाें में दर्शना​र्थियों की भीड़ उमड़ी । ​जिले में 219 स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल सजाये गये हैं । पांडालों में शुक्रवार की रात ही मूर्ति की स्थापित की गयी और शनिवार से मेले की शुरूआत हुई । मेले के दूसरे दिन रविवार को डीडीयू नगर सहित आस पास के इलाकों में लगभग तीस स्थानों पर स्थापित विशाल दुर्गा पूजा पंडालों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा । दोपहर बाद लोग मेला घूमने निकल पड़े । शाम ढलने के साथ ही...

कुँवारी कन्याओं को भोजन कराकर दिया गया दक्षिणा ।

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रिपोर्ट ! संदीप कुमार  पीडीडीयू नगर (चन्दौली) : नवरात्र के महानवमी पर पूजा पंडालों, घरों, मंदिरों में कुंवारी कन्याओं की पूजा किया गया । भैरो के रूप में बटुक की भी पूजा की गयी । आसपास के कुँवारी कन्याओं को आमंत्रित करके सर्वप्रथम उनके पाँव पखारे गये । इसके बाद उन्हें नवीन परिधान धारण कराया गया । तत्पश्चात भोजन कराया गया । भोजन के बाद उन्हें उपहार व धन देकर विदा किया गया । कुँवारी कन्या की विधिवत पूजा अर्चना की गयी । इसके बाद उन्हें विविध प्रकार के पकवान खिलाये गये । इसके साथ ही उन्हें उपहार देकर विदा किया गया । इसी तरह अन्य पूजा पंडालों में भी कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गया । नवरात्र में कुँवारी कन्याओं के पूजन से सुख-समृद्धि व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है । इसके साथ ही भैरो के रूप में बटुकों का भी पूजन किया गया ।